NARAYAN KAIRO नारायण कैरो

"जिसने देना सीख लिया,उसने जीना सीख लिया!"

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narayankairolohardaga


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भारत मेँ तैयार होती विभाजन की नीँव !

Posted On: 5 Jan, 2012  
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LOKTANTRIK BEHAS DHAMKI KAISE?

Posted On: 4 Jan, 2012  
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DESH KA BHAWISHYA BANATE ANNA

Posted On: 2 Jan, 2012  
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DHRITRASHTRA KI BHUMIKA ME CONGRESS

Posted On: 31 Dec, 2011  
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Hello world!

Posted On: 30 Dec, 2011  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

सुरेन्दर जी आपकी प्रतिक्रिया केवल भ्रम उत्पन्न करती है एवं भ्रष्टाचारियों को बल उत्पन्न करती है। रामदेव जी एवं अन्ना टीम दोंनो के उद्देश्य एक है, महात्वाकाँक्षा भी एक है सत्ता प्राप्त करना। किन्तु मुद्दे अलग अलग हैं। रामदेव जी चाहते हैं कि देश का कालाधन वापस आये और अन्ना टीम चाहती है कि देश से भ्रष्टाचार मिटे। यदि दोंनो एक साथ नहीं होते हैं तो फिर जनता को फैसला करना है कि  वह किससे परेशान से कालेधन से या भ्रष्टाचार से। भ्रष्टाचार समर्थक चाहते हैं कि यह एक साथ न आयें। इसके लिये दोंनो के साथ सरकार ने कुछ ऐसी एजेन्सियाँ लगा रखीं हैं जो इन दोंनो को एक नहीं होने देंगी। 

के द्वारा: dineshaastik dineshaastik

के द्वारा: bharodiya bharodiya

दोस्तों जिस तरह अन्ना का पन्ना बंद हुआ हमें उससे शिक्षा लेनी चाहिए: १.जो मीडिया की वजह से जीते हैं वो मीडिया की वजह से मर जाते हैं. २.हमेशा स्वहित से ऊपर देशहित को रखना चाहिए . ३.हिंदी,हिन्दू और हिंदुस्तान का कोई विकल्प नहीं . ४.दुसरे के(राजीव दिक्सित और बाबा रामदेव के जन जागरण) किये कार्य का श्रेय नहीं लेना चाहिए . ५.लोगों के बिच भ्रम(लोकपाल पर दो बार झूठी जीत और लोकपाल को हर मर्ज की दवा बताना) फैलाकर हासिल की गयी लोकप्रियता टिकाऊ नहीं होती. ६.अच्छे लोगों(बाबा रामदेव और मोदी) को बुरा बता कर लोकप्रियता हासिल नहीं की जाती. ७.स्वदेशी के बिना स्वराज अधुरा होता है इसलिए निबुज्ज पी कर अनसन न तोड़े . ८.बिना पूरी तैयारी और जानकारी के कोई काम न करें. अब सब मैं ही बोलूँगा आप कुछ नहीं बोलोगे ..?

के द्वारा: surendra surendra




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