NARAYAN KAIRO नारायण कैरो

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वोट बैँक के आग से झुलसता भारत

Posted On: 12 Aug, 2012 Others में

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आजादी के बाद भारत मेँ बनीँ केँद्रीय सरकारोँ द्वारा सत्ता मेँ बने रहने के लिए वोट बैँक की राजनीतिक ध्रूवीकरण करना शुरु किया जिसके परिणाम आज वोट बैँक की आग मेँ झुलस रहा भारत। दुनिया के किसी देश मेँ मुस्लिमोँ के लिए मक्का जाने के लिए कोई सरकारी सहायता नहीँ दी जाती किँतू भारत मे हज यात्रा पर करोड़ोँ अनुदान दिया जाता है केँद्र सरकार द्वारा। अभी हालिया सर्वोच्च नय्यालय ने हज अनुदान नीति को गलत ठहराया था। मुस्लिमपरस्ती के राजनीति की पराकाष्ठा थी काँग्रेस नीत सरकार का 2004 मेँ अलपसंख्यक मंत्रालय का गठन। जब कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरुआ हुआ करते थे उन्होनेँ असम मे बांग्लादेशी मुसलमानोँ को असम मे बसने, घुसपैठ करने की खुली छुट मिली ताकि कांग्रस का वोट बैँक बढ़ता रहे। गैर कांग्रेसी सरकारोँ नेँ हमेशा ही मुस्लिम तुष्ठिकरण नीति को विभाजनकारी नीति कहकर कांग्रेसी सरकारोँ को चेताया परन्तु कांग्रेस पार्टी और इसके रहनुमाओँ की कभी आँख ना खुली! आज असम मेँ जनसंख्या पर भारी असंतुलन हुआ है और बांग्लादेशी तेजी से असम को मुसलिम बहुल बनाने के राहपर चल पड़े है। ये वोट बैँक के आग का ही नतीजा है कि सत्ता से कांग्रेसी सरकारो ने मुस्लिम समुदाय को निरँतर संरक्षण दिया और सर पर चढ़ा कर आस्तिन के साँपो को दूध पिलाया जाता रहा फलतः आज मुबई के आजादनगर जैसी घटनाएँ आम हो रही है। राष्ट्र धू धू कर जले ये कोई भारतीय नही चाह सकता पर सच तो ये है कि वोट बैँक की आग से आज भारत झुलस रहा है। भविष्य मे इसकी लपटे देश के लिए बहुत बड़ी चुनौती खड़ी करने वाली है।
नारायण कैरो
12 अगस्त 2012



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jagojagobharat के द्वारा
13/08/2012

भविष्य में क्या वर्तमान में ही चुनौती खड़ी करने लगे है ये तभी तो मुंबई जैसी घटना घाट रही है अन्यथा ऐसा होता क्या .बहुत बढ़िया आलेख बधाई


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